हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और इलाज हिंदी में | Best Baba Ramdev Tips And Home Remedies to Cure Hydrocele


हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और इलाज हिंदी में | Best Baba Ramdev Tips And Home Remedies to Cure Hydrocele

नमस्कार दोस्तों! बाबा रामदेव टिप्स के इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले है पुरुषो में होने वाली एक गंभीर बीमारी हाइड्रोसील  के इलाज के लिए कुछ असरदार घरेलु इलाज के बारे में।  दोस्तों पुरुष हो या महिला, अपने शरीर लेकर सजग रहना सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होना चाहिए। शरीर को लेकर बरती गई कोई भी लापरवाही बड़े जोखिम का कारण बन सकती है।  पुरुषों में हाइड्रोसील की समस्या एक बड़ा चिंता का विषय है। हाइड्रोसील होने पर पुरुष इस बारे में खुलकर बात करने की जगह इसे छुपाते हैं, जिससे यह समस्या बढ़ जाती है।

Best Baba Ramdev Tips And Home Remedies to Cure Hydrocele



 


इस पोस्ट में हम आपको हाइड्रोसील के कारण और हाइड्रोसील के लक्षण एवं हाइड्रोसील के घरेलु उपचार के बारे में बताने वाले है।आईये सबसे पहले आपको यह बताते है की हाइड्रोसील क्या है।

हाइड्रोसील क्या है ? ( What is Hydrocele)

हाइड्रोसील एक तरह की बीमारी है, जिसे प्रोसेसस वजायनेलिस भी कहा जाता है। इस बीमारी के कारण अंडकोष में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिस कारण अंडकोष फुला हुआ दिखाई देने लगता है। इससे असहनीय दर्द हो सकती है और सूजन भी आ सकती है। यह समस्या किसी भी उम्र के पुरुषों में हो सकती है। ऐसा कई बच्चों में जन्मजात भी हो सकता है।



हाइड्रोसील होने के मुख्य कारण ( Causes of Hydrocele)

  1. जन्मजात दोष के चलते।
  2. संक्रमण के कारण।
  3. इनगुइनल हर्निया के कारण।
  4. अंडकोष के आसपास अधिक तरल का निर्माण होने पर।
  5. अंडकोष या एपिडीडिमिस में सूजन या चोट लगने पर।


हाइड्रोसील के लक्षण  (Symptoms of Hydrocele in हिंदी)

  1. अंडकोष में दर्दरहित सूजन।
  2. एक अंडकोष का बढ़ा दिखना।
  3. अंडकोष में भारीपन महसूस होना। 

 

हाइड्रोसील के रामबाण घरेलु इलाज हिंदी में ( Baba Ramdev Tips and Home Remedies for Hydrocele)

1. हाइड्रोसील को बढ़ने से रोकने के लिए अंडकोष को बांधकर रखे। उन्हें लटकने न दे और कूदते-फांदते समय कभी भी ढीला ना छोड़े।

2. रोज प्रातःकाल तीन-चार दिन तक दो रत्ती फूला हुआ सुहागा  एवं  गुड का सेवन करने से अंडकोष की सूजन में आराम मिलता है।



 


3. हल्दी को पानी में पीसकर अंडकोष पर लेप करे इससे सूजन खत्म हो जाएगी।

4. वचा को सरसों के पानी द्वारा सिल पर पीस ले और अंडकोष पर लेप कर दें इससे अंडकोष का आकार सामान्य हो जाएगा।

5. 5 ग्राम काली मिर्च और 10 ग्राम जीरा लें और उन्हें अच्छी तरह पीस लें. इसमें आप थोडा सरसों या जैतून का तेल मिलाएं और इसे गर्म कर लें। इसके बाद इसमें थोडा गर्म पानी मिलाकर इसका पतला घोल बना लें और इसे बढे हुए अंडकोषों पर लगायें। इस उपाय को सुबह शाम 3 से 4 दिन तक इस्तेमाल करें आपको जरुर लाभ मिलेगा।

 


6. रोगी 25 मिलीलीटर पानी को पीतल के गिलास  में सूरज की रोशनी में गर्म करें और उस पानी का दिन में 4 से 5 बार ग्रहण करना चाहियें। जलतप्त पानी पीने के 1 घंटे बाद रोगी अपने अंडकोष पर लाल प्रकाश डालें और अगले 2 घंटे बाद नीला प्रकाश डालें. इस प्रक्रिया को अपनाने से भी रोगी को हाइड्रोसील से जल्द ही आराम मिलता है।



7. अंडकोषों में पानी भर जाने पर  10 ग्राम काटेरी की जड़ को सुखाकर उसे पीस लें। फिर उसके चूर्ण में 7 ग्राम  पीसी हुई काली मिर्च डालें और उसे पानी के साथ सेवन करें। इस उपाय को  7 दिन तक अपनाएँ। ये हाइड्रोसील का रामबाण इलाज माना जाता है क्योकि इससे ये रोग जड़ से खत्म हो जाता है और दोबारा अंडकोषों में पानी नही भरता।

 
हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और इलाज हिंदी में | Best Baba Ramdev Tips And Home Remedies to Cure Hydrocele हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और इलाज हिंदी में | Best Baba Ramdev Tips And Home Remedies to Cure Hydrocele Reviewed by deeksha arya on 15:48 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.