मल्टीग्रैन आटे से बनी रोटी खाने के फायदे | मल्टीग्रेन आटा स्वास्थ्य के लिए वरदान | Health Benefits of Multigrain Roti/Chapati

मल्टीग्रैन आटे से बनी रोटी खाने के फायदे |  मल्टीग्रेन आटा स्वास्थ्य के लिए वरदान | Health Benefits of Multigrain Roti/Chapati

नमस्कार दोस्तों बाबा रामदेव टिप्स के इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले मल्टीग्रन आटे से बानी रोटी खाने के क्या क्या फायदे होते है।  लेकिन इससे पहले हम आपको बताते है की आखिर मल्टीग्रैन आता होता क्या है।

रोटी हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का मुख्य स्रोत है।  अनेकानेक व्यंजन खा लेने के बाद भी हमें संतुष्टि केवल रोटी खाने पर ही होती है।  लगभग हर अनाज कार्बोहाइड्रेट का मुख्य स्रोत होता है।  आमतौर पर भारतीय घरों में रोटी बनाने के लिए गेहूं, बाजरा, मक्का और ज्वार जैसे अनाज का प्रयोग किया जाता है। 

 Health Benefits of Multigrain Roti/Chapati




अधिकांश घरों में मूलत: गेहूं की सादी रोटियां ही बनाई जाती हैं, परंतु गेहूं की रोटी स्वादिष्ठ अधिक, पौष्टिक कम होती है।  इसलिए गेहूं में यदि अन्य अनाज को मिला कर आटा पिसवाया जाए तो ऐसे आटे से बनी रोटी की पौष्टिकता बढ़ जाती है।  इस प्रकार के आटे को मल्टीग्रेन आटा या कौंबिनेशन फ्लोर कहा जाता है।  मल्टी ग्रेन यानि मिला जुला अनाज गेहूं के आटे की बजाए सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। इसमें गेहूं के अलावा चना, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, जौ, सोयाबीन, तिल्ली आदि को एक साथ पीसकर आटा तैयार किया जाता है।

आईये अब हम आपको बताते है मल्टीग्रैन आटे से बनी रोटी खाने के फायदे :


1. मल्टीग्रेन आटा या उससे बने व्यंजन आपके शरीर में एक कई तरह के पोषक तत्वों की एक साथ पूर्ति करते हैं, जबकि सामान्य आटे में आपको सीमित पोषण ही मिल पाता है।





2. इस आटे की रोटी खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है जो आपके पाचन तंत्र को बेहतर कार्य करने में मदद करता है और कब्ज की समस्या नहीं होती।

3. मोटापे के शिकार लोगों को गेहूं के आटे के बजाय केवल चना, ज्वार, बाजरा जैसे विभिन्न अनाज से बनी रोटी का प्रयोग करना चाहिए। शरीर को फाइबर अधिक मिलने पर यह वजन कम करने और मोटापा घटाने में भी बेहद सहायक होता है और जिससे आप जल्दी दुबले हो सकते हैं।


4. मल्टीग्रेन कई पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है जिससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है और बीमारियां आपसे दूरी बनाए रखती हैं।





5. इसका एक खास फायदा यह भी है कि यह डायबिटीज के मरीजों और रक्तचाप रोगियों के लिए फायदेमंद होता है और शरीर में वसा का जमाव नहीं होने देता।

6. दुबलेपन के शिकार और कब्ज के रोगी 5 किलोग्राम गेहूं में 1 किलोग्राम चना और 1 किलोग्राम जौ डाल कर आटा पिसवाएं।  फिर इस में विभिन्न हरी सब्जियां डाल कर प्रयोग करें।  इन लोगों को फाइबर्स की आवश्यकता रहती है, जिन की पूर्ति चना, जौ और हरी सब्जियां कर देती हैं।

 

7. ब्लडप्रैशर के रोगियों को 5 किलोग्राम गेहूं के आटे में 500 ग्राम सोयाबीन, 1 किलोग्राम चना और 250 ग्राम अलसी मिला कर उसे प्रयोग करना चाहिए। 





8. 5 किलोग्राम गेहूं के आटे में प्रोटीन के मुख्य स्रोत 500 ग्राम सोयाबीन, 1 किलोग्राम चना और 500 ग्राम जौ मिला कर पिसवाए गए आटे की रोटी खाने से बढ़ती उम्र के बच्चों को लाभ होता है।

9. गर्भवती महिलाओं को गेहूं के आटे में सोया, पालक, मेथी, बथुआ और लौकी जैसी हरी सब्जियों और थोड़ी सी अजवाइन का मिला कर उस का प्रयोग करना चाहिए।






मल्टीग्रैन आटे से बनी रोटी खाने के फायदे | मल्टीग्रेन आटा स्वास्थ्य के लिए वरदान | Health Benefits of Multigrain Roti/Chapati मल्टीग्रैन आटे से बनी रोटी खाने के फायदे |  मल्टीग्रेन आटा स्वास्थ्य के लिए वरदान | Health Benefits of Multigrain Roti/Chapati Reviewed by deeksha arya on 09:06 Rating: 5

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