सौंफ के फायदे, उपयोग और नुकसान (Fennel Seeds (Saunf) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

सौंफ के फायदे, उपयोग और नुकसान (Fennel Seeds (Saunf) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi | Saunf Ke Fayde, Upyog aur Nuksan)


नमस्कर दोस्तों! बाबा रामदेव टिप्स (Baba Ramdev Tips) की इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले सौंफ खाने के फायदे, उपयोग और उसके सेवन से होने वाले नुकसानों के बारे में (Saunf Ke Fayde, Upyog or Nuksan)।  सौंफ में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है और इसके साथ ही अनेक प्रकार के गुण भी जिसके वजह से इसका उपयोग खाना बनाने में मसाले के रूप, औषधी के रूप में, मुँह को साफ (Mouth Freshener) करने में आदि  चीज़ो के लिए किया जाता है।  
Saunf Ke Fayde, Upyog aur Nuksan






क्या आप जानते हैं कि आपके किचन की यह छोटी-सी चीज आपको सेहतमंद बनाए रखने में कितनी बड़ी भूमिका निभाती है? क्या कभी आपने सोचा है कि सौंफ खाने के कितने फायदे हैं? अगर आप नहीं जानते है तो आईये हम आपको बताते है सौंफ  खाने के फायदे ।

यह पाचन संबंधी समस्याओं से लेकर आंखों की रोशनी बढ़ाने, वजन कम करने और अन्य समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होती है। बाबा रामदेव टिप्स के इस पोस्ट में हम आपको सौंफ के फायदे बताएंगे, और यह आपकी सेहत को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने में किस प्रकार से सहायता करती है।

सौंफ के फायदे- Saunf Ke Fayde (Benefits of Fennel Seeds in Hindi)

सेहतमंद लीवर के लिए

वैज्ञानिक शोध के अनुसार सौंफ का उपयोग प्राचीन समय से चिकित्सा के रूप में किया जा रहा है। लिवर की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भी सौंफ का इस्तेमाल किया जा सकता है । सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं, जो लीवर को सेहतमंद बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं। सौंफ में सेलेनियम की मात्रा भी पाई जाती है, जो लीवर की क्षमता को बढ़ाता है और शरीर से हानिकारक तत्वों को निकालने में सहायक हो सकता है ।






मॉर्निंग सिकनेस

सौंफ से महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस से राहत मिल सकती है। उल्टी और जी-मिचलाना मॉर्निंग सिकनेस के लक्षण होते हैं और आमतौर पर ये लक्षण प्रेग्नेंसी के चौथे सप्ताह में दिखने लगते हैं।  हालांकि, मॉर्निंग सिकनेस सुबह के समय होता है, लेकिन इसका प्रभाव दिन भर रह सकता है।
एक कप सौंफ की चाय या इसे चबाने से मॉर्निंग सिकनेस से छुटकारा मिल सकता है। इतना ही नही, इससे पेट की गैस और अन्य छोटी-मोटी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है।

पाचन के लिए सौंफ के फायदे

सौंफ का उपयोग सबसे अधिक पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इसके एंटीस्पास्मोडिक (पेट और आंत में ऐंठन दूर करने वाली दवाई) और कार्मिनेटिव (एक तरह की दवा, जो पेट फूलने या गैस बनने से रोकती है) गुण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पेट की गंभीर समस्याओं से छुटकारा दिलाने में काफी कारगर होते हैं।
इसके अतिरिक्त, पेट दर्द, पेट में सूजन और गैस जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ ही अल्सर, दस्त और कब्ज आदि से राहत दिलाने में भी सौंफ कारगर साबित हो सकती है।





अस्थमा और अन्य श्वास संबंधी समस्याओं के लिए

एक इजिप्टियन शोध के मुताबितक सौंफ को सदियों से श्वास संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह ब्रोनिकल मार्ग को साफ कर श्वास क्रिया को दुरुस्त रखती है। न्यूट्रिशनल ज्योग्राफी की वेबसाइट के अनुसार फेफड़ों की सेहत के लिए सौंफ बहुत लाभदायक है। इसके अतिरिक्त, सौंफ में पाए जाने वाले पाइथोन्यूट्रिएंट्स अस्थमा के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं।

सांसों की दुर्गंध दूर करे

सौंफ का उपयोग आमतौर पर सांसों की ताजगी बनाए रखने के लिए किया जाता है। सौंफ के कुछ दानों को चबाने मात्र से ही आपकी सांसों की दुर्गंध दूर हो जाती है। सौंफ चबाने से मुंह में लार अधिक मात्रा में बनती है, जो बैक्टीरिया को दूर करने में मददगार साबित हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त सौंफ के गुण ये भी हैं कि यह मुंह के संक्रमणों से भी बचा सकती है ।


आंखों की रोशनी के लिए सौंफ के फायदे

आंखों की छोटी-मोटी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी सौंफ काफी कारगर साबित हो सकती है। अगर आपकी आंखों में जलन या फिर खुजली हो रही है, तो सौंफ की भाप आंखों पर लेने से राहत मिल सकती है । इसके लिए आप सौंफ को सूती कपड़े में लपेटकर हल्का गर्म करके आंखों को सेंक सकते हैं। ध्यान रहे कि यह अधिक गर्म न हो।
आंखों की रोशनी बढ़ाने में विटामिन-ए और विटामिन-सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सौंफ में विटामिन-ए पाया जाता है। इस प्रकार सौंफ के सेवन से बढ़ती उम्र में भी आपकी आंखों की रोशनी प्रभावित होने से बच सकती है।



वजन कम करने में मददगार

फाइबर से भरपूर सौंफ बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी लाभदायक हो सकती है। यह न सिर्फ वजन कम करने में सहायक होती है, बल्कि शरीर में अतिरिक्त वसा को बनने से भी रोकती है। कोरिया में हुए एक शोध के मुताबिक सौंफ की एक कप चाय पीने से भी बढ़ते वजन को रोका जा सकता है।


कॉलेस्ट्रॉल

सौंफ में फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में लाभदायक होता है । फाइबर, कोलेस्ट्रॉल को खून में घुलने से रोकता है और इस प्रकार दिल की बीमारियों से भी बचाव कर सकता है।
कफ से निजात
सर्दी में कफ की समस्या आम हो जाती है और आमतौर पर छोटे बच्चों को इससे कुछ ज्यादा ही परेशानी होती है। ऐसे में आपके किचन में रखी सौंफ इस समस्या से आसानी से छुटकारा दिला सकती है। सौंफ में एंटिबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो कफ जैसी छोटी-मोटी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।



मस्तिष्क के लिए फायदेमंद

सेहतमंद शरीर के लिए मस्तिष्क का चुस्त-दुरुस्त होना भी आवश्यक है और इसमें सौंफ बड़ी भूमिका निभा सकती है। सौंफ में विटामिन-ई और विटामिन-सी पाए जाते हैं। विटामिन-सी ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जिससे बढ़ती उम्र में मस्तिष्क की समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती है । वहीं, विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से कोशिकाओं को क्षति पहुंचने से रोकता है ।


कब्ज से राहत

अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण कब्ज की समस्या आम बात हो जाती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सौंफ आपके कब्ज को छूमंतर करने में मदद कर सकती है। सौंफ का काढ़ा बनाकर पीने से बहुत हद तक कब्ज से छुटकारा मिल सकता है ।

अच्छी नींद के लिए

सौंफ के अनेक गुणों में से एक गुण यह भी है कि यह आपको अच्छी नींद लेने में मदद कर सकती है। सौंफ में मैग्नीशियम पाया जाता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह अच्छी नींद और नींद के समय को बढ़ा सकता है । साथ ही यह भी कहा जाता है कि मैग्नीशियम अनिद्रा दूर भगाने में भी मददगार होता है ।



मासिक धर्म की समस्याओं से राहत दिलाए

मासिक धर्म की शुरुआत से पहले महिलाओं को तमाम छोटी-मोटी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मसलन पेट में दर्द और मरोड़ आदि जैसे लक्षण मासिक धर्म के शुरू होने से पहले सामने आते हैं। मासिक धर्म की इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सौंफ कुछ हद तक लाभकारी साबित हो सकती है । हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि इसका फायदा सभी को मिले, किसी को इससे लाभ हो सकता है और किसी को नहीं भी। यह व्यक्ति के शरीर पर निर्भर करता है।


स्तनपान के लिए लाभदायक

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी सौंफ लाभकारी हो सकती है। इसमें एथनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो फाइटोएस्ट्रोजन (phytoestrogen) है और महिलाओं में दूध बनने की क्षमता को बढ़ाता है । इसके अतिरिक्त, यह भी कहा जाता है कि स्तन की सूजन कम करने में भी सौंफ सहायक होती है, लेकिन इस बात की अभी तक वैज्ञानिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
नोट : स्तनपान कराने वाली महिला सौंफ का सेवन करन से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।



रक्तचाप नियंत्रित करने में मददगार

रक्तचाप नियंत्रित करने में सौंफ चमत्कारिक रूप से काम करती है। इसमें मौजूद पोटैशियम खून में सोडियम की मात्रा को नियंत्रित करता है और इसके दुष्प्रभाव से बचाता है। इसके अलावा, सौंफ में नाइट्रेट की भी मात्रा होती है, जो बल्ड प्रेशर को कम करता है । साथ ही इसमें मैग्नीशियम भी अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है, जो महिलाओं में हाई बल्ड प्रेशर के खतरे को कम कर सकता है।



मधुमेह से बचाए

एक शोध के अनुसार सौंफ में पाया जाने वाला तेल मधुमेह रोगियों के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। यह खून में शर्करा की मात्र को कम कर मधुमेह के खतरे को भी कम कर सकता है । सौंफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं।

स्तनों के आकार में वृद्धि

महिलाओं के लिए सौंफ खाने के फायदे कई प्रकार से हैं। ऐसा कहा जाता है कि सौंफ खाने से स्तनों के आकार में वृद्धि हो सकती है, लेकिन इस संबंध में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा।



हर्निया के उपचार में सहायक

सौंफ का उपयोग चीनी की पारंपरिक चिकित्सा में हर्निया के उपचार के लिए किया जाता रहा है और कुछ स्रोत इस बात की पुष्टि भी करते हैं ।  हालांकि, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि हर्निया के उपचार में सौंफ कारगर है या नहीं, लेकिन उपचार के तौर पर इसका इस्तेमाल करने से पहले आप किसी चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
 

त्वचा को निखारे

सौंफ के गुण में त्वचा का ध्यान रखना भी शामिल है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीएलर्जिक गुण त्वचा की सुंदरता बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं । मसलन सौंफ की भाप आपके चेहरे के स्किन टैक्सचर को बनाए रख सकती है।
इसके लिए एक लीटर उबलते पानी में एक चम्मच सौंफ डाले। उसके बाद तौलिये से अपने सिर को गले तक कवर करके पांच मिनट तक भाप लें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से त्वचा की चमक बढ़ सकती है।


बालों का खयाल रखे

सौंफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल जैसे गुण बालों की विभिन्न समस्याओं से छुटकारा दिला सकते है। बालों में डैंड्रफ, सिर में खुजली और बालों का गिरना ये कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे निजात दिलाने में सौंफ कारगर साबित हो सकती है।
इसके लिए आपको दो कप पानी में तीन चम्मच सौंफ का पाउडर अच्छी तरह से मिला लें। मिश्रण तैयार होने के बाद उसे 15 मिनट के लिए रख दें। अब बालों को अच्छी तरह से शैंपू करने के बाद तैयार किए गए मिश्रण से बालों को धोएं। ऐसा करने से बालों के गिरने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।


सौंफ का उपयोग- Saunf Ke Upyog (How to Use Fennel Seeds in Hindi)

  1. माउथ फ्रेशनर के रूप में भी आप सौंफ का उपयोग कर सकते हैं। यह सांसों की दुर्गंध से छुटकारा दिला सकती है।
  2. अगर भूनी हुई सौंफ को मिश्री के साथ खाया जाए, तो खांसी से राहत और आवाज की मधुरता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही याददाश्त भी तेज होती है।
  3. सौंफ का उपयोग चाय के रूप में भी किया जा सकता है। सौंफ की चाय पीने से मोटापे को कम किया जा सकता है।
  4. आप खाने के बाद भी सौंफ का सेवन पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि इससे खून भी साफ हो सकता है।



सौंफ के नुकसान- Saunf Ke Nuksan (Side Effects of Fennel in Hindi)

स्वास्थ्य के लिए सौंफ फायदे तो बहुत सारे है। पर इसके कुछ नुकसान भी है। जिनके बारे में जानना सभी के लिए आवश्यक है।  
  1. अगर आप किसी प्रकार की दवाइयों का सेवन करते हैं, तो आपको सौंंफ का अधिक सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  2. सौंफ का अधिक सेवन एलर्जी का कारण बन सकता है।
  3. स्तनपान करा रही महिलाओं को सौंफ का अत्यधिक उपयोग करने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे शिशु की सेहत पर असर पड़ सकता है।
  4. अत्यधिक सौंफ खाने से स्किन की संवेदनशीलता बढ़ सकती है और धूप में निकलना काफी मुश्किल हो सकता है।




सौंफ के फायदे, उपयोग और नुकसान (Fennel Seeds (Saunf) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi सौंफ के फायदे, उपयोग और नुकसान (Fennel Seeds (Saunf) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Reviewed by deeksha arya on 15:18 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.